दिल्ली का मतलब अपने आप पूरा NCR नहीं है
अगर आपका कारोबार कुछ इलाकों में ही सेवा देता है, तो उन्हें साफ़ लिखें। दिल्ली की लिस्टिंग को नोएडा या गुरुग्राम तक का प्रचार न मानें। बाइक के लिए सामान्य रास्ता और दिन देखें; केवल गाड़ी की तस्वीर से क्षेत्र का पता नहीं चलता।
ट्यूशन सेंटर, दुकान या खाने की जगह के पोस्टर में पता और एक साफ़ संदेश काम आ सकता है। तय करें कि लोग उसे बाहर से पढ़ेंगे या दुकान में आने के बाद। शीशे पर सामान, परछाईं या बंद होने पर शटर का असर भी देखें।
प्रदर्शनी के लिए उपस्थिति और प्रवेश अलग से स्पष्ट करें
अगर काम किसी दिल्ली इवेंट में ब्रांड का कपड़ा पहनने का है, तो नाम, स्थान, तारीख और उपस्थित रहने के घंटे लिखें। सामान्य टिकट अपने आप स्टॉल, मंच या आयोजक की तरफ़ से बोलने का अधिकार नहीं देता।
कपड़े का आकार और पहुँचने की समय-सीमा पहले तय करें। पोस्टर या स्टिकर के लिए छपाई, लगाने और हटाने का काम किसका है, यह भी लिखें। एक दिन की बुकिंग को चौबीस घंटे प्रदर्शन की गारंटी न समझें।
दिल्ली में अपनी जगह का साफ़ प्रस्ताव कैसे दें
अपनी दुकान या बाइक की वास्तविक सतह की नई फ़ोटो लें, माप लिखें और इस्तेमाल का अधिकार जाँचें। साझा विकल्प में हिस्से अलग होने चाहिए; एक ही हिस्से को एक तारीख पर दो बार उपलब्ध न दिखाएँ।
Adverlot पर प्रस्ताव की समीक्षा होती है। अनुरोध स्वीकार होने के बाद ग्राहक भुगतान करता है और काम के दौरान तय फ़ोटो दी जाती हैं। यह गाइड हर दिल्ली इलाके में जगह उपलब्ध होने या बिक्री बढ़ने की गारंटी नहीं है; उपलब्धता प्रकाशित कैटलॉग से देखें।
शहर के अनुसार गाइड
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या दिल्ली की बाइक पूरी NCR में विज्ञापन ले जाएगी?
अपने आप नहीं। क्षेत्र वही है जो लिस्टिंग में लिखा और स्वीकार किया गया है। अतिरिक्त रास्ते या शहर की उपलब्धता पहले पुष्टि करें।
इवेंट की टी-शर्ट बुकिंग में टिकट शामिल है?
ऐसा मानकर न चलें। जगह देने वाले को अपना वास्तविक प्रवेश और उपस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कपड़ा पहनना स्टॉल या स्पॉन्सरशिप खरीदने के बराबर नहीं है।